आधी रात बाढ़ के बीच नाव से निकले विधायक, अचानक नाव में घुसा पानी; खुद डिब्बा उठाकर निकालने लगे पानी
रात 12 बजे रेहरिया गांव पहुंचे सदर विधायक योगेश वर्मा, बाढ़-कटान से परेशान ग्रामीणों का जाना हाल; प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल


चारों तरफ घना अंधेरा… नीचे बाढ़ का पानी… और जिस नाव पर विधायक सवार थे, उसी में अचानक पानी घुसने लगा। खतरा बढ़ा तो विधायक ने खुद डिब्बा उठाया और नाव से पानी बाहर निकालना शुरू कर दिया। रात के इस सफर का VIDEO अब सामने आया है।
लखीमपुर खीरी। जिले में बाढ़ और कटान से प्रभावित इलाकों में हालात लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। इसी बीच सदर विधायक योगेश वर्मा देर रात करीब 12 बजे नाव पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित रेहरिया गांव पहुंचे। रात के अंधेरे में नाव से गांव की ओर जाते समय ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने नाव पर सवार लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक नाव में पानी घुसने लगा और देखते ही देखते नाव के अंदर पानी जमा होने लगा।
नाव में पानी भरता देख स्थिति को संभालने के लिए विधायक योगेश वर्मा ने खुद डिब्बा उठाया और नाव में जमा पानी को बाहर निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान नाव पर सवार अन्य लोग भी मौजूद रहे। अंधेरे में बाढ़ के पानी के बीच नाव से सफर का यह दृश्य सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की चर्चा हो रही है।
बताया गया कि सदर विधायक बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर जाकर समझने के लिए रेहरिया गांव पहुंचे थे। गांव पहुंचने के बाद उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और बाढ़ तथा कटान से पैदा हुई परेशानियों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी अपने सामने आ रही समस्याओं को विधायक के सामने रखा।
बाढ़ के कारण कई ग्रामीणों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की मजबूरी पैदा हो गई है। ऐसे हालात के बीच विधायक ने रात में गांव पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। विधायक का कहना है कि जब जनता संकट में है और लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं, तो ऐसे समय में मौके पर पहुंचकर हालात को देखना जरूरी है।
वहीं, मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर भी विधायक योगेश वर्मा ने सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि “जनता डूब रही है, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं जागती।” उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
विधायक ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा विधायक के उस VIDEO की हो रही है, जिसमें नाव में पानी भरने के बाद वह खुद डिब्बे से पानी बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। रात का अंधेरा, बाढ़ का पानी और नाव में अचानक घुसता पानी इस सफर की मुश्किलों को साफ तौर पर दिखाता है।
रेहरिया गांव पहुंचकर विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बाढ़ तथा कटान से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दिलाने की बात कही। अब सवाल यह है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव की व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं कब तक पहुंचेंगी।



