“NTA भंग करो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”… भाकपा (माले) का सरकार पर सीधा हमला
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, एनटीए भंग करने और नई शिक्षा नीति 2020 वापस लेने सहित पांच प्रमुख मांगें उठाईं

“पेपर लीक, परीक्षा में भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाकपा (माले) ने खोला मोर्चा। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई।”
लखीमपुर खीरी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [भाकपा (माले)] की लखीमपुर खीरी इकाई ने सोमवार को छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी, पलिया कला के माध्यम से भेजा। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवा न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है।
भाकपा (माले) ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना युवाओं का भरोसा बहाल नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर उसकी जगह जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने, पेपर लीक व परीक्षा संबंधी भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने तथा सभी विद्यार्थियों के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।



