
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर बड़ा खुलासा… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद पहली एफआईआर दर्ज… आखिर कौन हैं वो 8 लोग जिन पर लगे हैं गंभीर आरोप?
देश की आस्था के सबसे बड़े केंद्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े दान प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त रुख के बाद इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस कार्रवाई के बाद मामला अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस और एसआईटी की जांच के दायरे में पहुंच गया है।
ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में अपराध संख्या 90/2026 दर्ज की गई है। एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आखिर पूरा मामला क्या है?
जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए भेंट और दान के प्रबंधन को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी को पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
SIT की रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसी के बाद गुरुवार को एफआईआर दर्ज की गई। अब पुलिस और एसआईटी दोनों स्तर पर जांच आगे बढ़ रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं। इसलिए सभी आरोप इस समय जांच के अधीन हैं।
कौन-कौन हैं नामजद?
एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है। इनके अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री का साफ संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
देशभर की नजर इस जांच पर
श्रीराम जन्मभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान और चढ़ावे से जुड़े इस मामले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसआईटी की विस्तृत जांच में आगे क्या सामने आएगा? क्या और लोगों की भूमिका उजागर होगी? क्या इस मामले में और गिरफ्तारियां होंगी?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे।


