कैमरे में कैद हुआ ‘सफेद कारोबार’? लखीमपुर खीरी के पलिया में VIDEO से मचा बवाल!
दो वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता—एक में इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर कथित स्मैक तौलने का दावा, दूसरे में खुलेआम नशा करते दिख रहे युवक। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्या पलिया में नशे के कारोबार पर कानून का डर खत्म हो चुका है? सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वीडियो में कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर स्मैक तौलकर बेची जा रही है, जबकि दूसरे वीडियो में कुछ युवक खुलेआम नशा करते दिखाई दे रहे हैं। यदि ये वीडियो हाल के हैं, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर संकेत माने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की पलिया कोतवाली एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दो वीडियो ने क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर कथित स्मैक तौलकर बेच रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में कुछ युवक खुलेआम नशा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन दोनों वीडियो की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट डिजिटल स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
पहले वायरल वीडियो में एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक तराजू दिखाई दे रहा है, जिस पर कथित तौर पर 8 से 15 ग्राम तक स्मैक जैसी सामग्री तौली जा रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इसे पलिया क्षेत्र का बताकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
दूसरा वायरल वीडियो भी कम चिंताजनक नहीं है। इसमें कुछ युवक कथित तौर पर खुलेआम नशा करते नजर आ रहे हैं। यदि यह वीडियो हाल का है, तो यह दर्शाता है कि क्षेत्र में नशे की समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
नेपाल सीमा से सटे पलिया क्षेत्र का नाम पहले भी कथित नशे के कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है। समय-समय पर पुलिस द्वारा कार्रवाई और गिरफ्तारियों के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन वायरल हो रहे ऐसे वीडियो यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर कथित नशे का नेटवर्क पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे की गिरफ्त में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस की ओर से इन वायरल वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किए गए और इनमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं। ऐसे में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि वायरल वीडियो सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी, बल्कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए भी कठोर और निरंतर अभियान चलाने की आवश्यकता होगी।



