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सावन में उमड़ेगा आस्था का सैलाब! छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में रोज़ 1.5 लाख, सोमवार को 3 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी

छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में सावन मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, 5 जोन, 20 सेक्टर, ड्रोन निगरानी, कंट्रोल रूम और चार स्तरीय बैरिकेडिंग के साथ लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी पूरी।

उत्तर प्रदेश की छोटी काशी… जहां सावन में भोले बाबा के दर्शन के लिए उमड़ता है आस्था का महासागर। इस बार रोज़ाना डेढ़ लाख और सावन के सोमवार पर तीन लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। आखिर इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने क्या तैयारी की है? ड्रोन से निगरानी क्यों होगी? और श्रद्धालुओं के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं? देखिए यह विशेष रिपोर्ट…
लखीमपुर खीरी। भगवान शिव की नगरी और “छोटी काशी” के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ धाम एक बार फिर सावन माह में शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल समेत दूर-दराज़ क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचेंगे।
प्रशासन का अनुमान है कि सावन के दौरान प्रतिदिन एक लाख से डेढ़ लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे, जबकि सावन के प्रत्येक सोमवार को यह संख्या ढाई से तीन लाख तक पहुंच सकती है। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर की धार्मिक मान्यता सदियों पुरानी है। इसे “छोटी काशी” के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव स्वयं विराजमान हैं और सावन में जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों कांवड़िए और श्रद्धालु यहां पहुंचकर भोले बाबा के दर्शन करते हैं।
पुलिस अधीक्षक अजय राय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे मेले को 5 जोन, 20 सेक्टर और 63 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए दो अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), आठ क्षेत्राधिकारी (CO) तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा एक कंपनी पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
उन्होंने बताया कि जनपद के नौ प्रमुख घाटों से श्रद्धालु जल लेकर मंदिर पहुंचेंगे। सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया गया है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। प्रशासन ने डीजे की आवाज सीमित रखने और ट्रैक्टर-ट्रॉली में केवल एक ट्रॉली लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी। खासकर सावन के सोमवार को गर्भगृह के आसपास भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
वहीं एसडीएम गोला युगांधर त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर के आसपास भीड़ नियंत्रित करने की विशेष योजना बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को पब्लिक इंटर कॉलेज, कृषक समाज इंटर कॉलेज, केन ग्रोवर्स इंटर कॉलेज और मंडी समिति मैदान में रोका जाएगा, जहां आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस बार चार स्तरीय बैरिकेडिंग बनाई गई है ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंच सकें। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में 24 घंटे पेट्रोलिंग होगी और प्रशासन का हर विभाग पूरी तरह अलर्ट रहेगा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सहयोग करें। प्रशासन का उद्देश्य यही है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सके।

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