NHM संविदा कर्मियों का विरोध तीसरे दिन भी जारी, 26 मई से महाधरने की चेतावनी
तीन महीने से नहीं मिली सैलरी, अब आर-पार की लड़ाई! NHM कर्मियों ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। मार्च और अप्रैल माह का मानदेय न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों पर काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 24 मई तक उनके खातों में रुकी हुई सैलरी नहीं पहुंचती है तो 26 मई से जिला मुख्यालय पर बड़ा धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और कार्य बहिष्कार भी किया जाएगा।
उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत जिला अस्पताल, जिला क्षय रोग कार्यालय सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर तैनात कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर सरकार और विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर न पड़े।
संगठन के जिला अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, जिला महामंत्री देवेंद्र पांडे और संरक्षक संजय राय ने संयुक्त रूप से कर्मचारियों से अपील की कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी संगठन के दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति पैदा न हो।
जिला अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मयंक प्रताप सिंह द्वारा आंदोलन को लेकर नई रणनीति जारी की गई है। संगठन में कराए गए मतदान में कर्मचारियों ने बड़े बहुमत से आंदोलन तेज करने के पक्ष में अपनी सहमति दी है। इसी के तहत अब 24 मई तक सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थिति दर्ज कराते हुए वहीं शांतिपूर्ण धरना देंगे।
उन्होंने बताया कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) साथी अपनी अटेंडेंस लगाने के बाद अपने-अपने सीएचसी पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जबकि जिला मुख्यालय के आसपास तैनात कर्मचारी और अर्बन सेंटर का स्टाफ जिला अस्पताल पहुंचकर सामूहिक प्रदर्शन में शामिल होगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में पहले से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी की जा चुकी है, वहां स्थानीय परिस्थितियों और संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार धरना जारी रखा जा सकता है।
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तीसरा महीना खत्म होने को है, लेकिन अब तक उन्हें उनका मानदेय नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस, किराया, बिजली बिल और दैनिक जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन चुका है।
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से धैर्य बनाए हुए थे, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने से अब मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 24 मई तक कर्मचारियों के खातों में सैलरी नहीं पहुंचती है तो 26 मई से जिले भर के NHM संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान जनहित को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत NHM संविदा कर्मचारी कोविड काल से लेकर अब तक लगातार सेवाएं देते आ रहे हैं। ऐसे में लंबे समय तक मानदेय न मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अब सबकी नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है कि कर्मचारियों की मांगों को कब तक पूरा किया जाता है और आंदोलन को खत्म कराने के लिए क्या पहल की जाती है।



