लखीमपुर में आखिर किन बैनामों पर डीएम की पड़ी नजर? अचानक जांच से मचा हड़कंप
अब बड़े बैनामों पर प्रशासन की सीधी नजर! डीएम अंजनी कुमार सिंह खुद पहुंचे मैदान में, जमीन से लेकर स्टांप शुल्क तक की पड़ताल से मचा हड़कंप।


उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बड़े बैनामों और स्टांप शुल्क की जांच को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बुधवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खुद फील्ड में उतरकर स्टांप एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत हुए तीन बड़े बैनामों की स्थलीय जांच की। डीएम के अचानक निरीक्षण से विभागीय अधिकारियों और संबंधित लोगों में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले उप निबंधक कार्यालय से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की और इसके बाद सीधे मौके पर पहुंचकर महाराज नगर, आवास विकास कॉलोनी और राजगढ़ मोहल्ले में संपत्तियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने बैनामों में दर्शाई गई जमीन और भवनों की वास्तविक स्थिति का बारीकी से सत्यापन कराया। उन्होंने मौके पर जाकर यह देखा कि अभिलेखों में दर्ज विवरण और वास्तविक स्थिति में कहीं कोई अंतर तो नहीं है।
डीएम अंजनी Kumar सिंह ने निरीक्षण के दौरान जमीन के स्वरूप, निर्माण की स्थिति, बाजार मूल्य और लगाए गए स्टांप शुल्क का भी मिलान कराया। कई स्थानों पर उन्होंने नक्शों और दस्तावेजों को मौके की स्थिति से मिलाकर गहन पड़ताल की। प्रशासन की इस कार्रवाई को बड़े बैनामों में संभावित राजस्व क्षति रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सहायक निबंधक एवं आयुक्त अमिताभ कुमार सहित राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने डीएम को संबंधित संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों, सर्किल रेट, बाजार मूल्य और स्टांप शुल्क निर्धारण की पूरी जानकारी दी। डीएम ने विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां संपत्ति का मूल्य कम दर्शाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने की आशंका हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन की नजर ऐसे बड़े बैनामों पर है, जिनमें बाजार मूल्य और दस्तावेजों में दर्ज कीमतों के बीच बड़ा अंतर पाया जाता है। कई बार संपत्तियों का कम मूल्यांकन कर स्टांप शुल्क बचाने की कोशिश की जाती है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। इसी को देखते हुए अब प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है।
डीएम ने एआईजी स्टांप को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैनामों की जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ की जाए। यदि किसी भी मामले में स्टांप शुल्क चोरी, गलत मूल्यांकन या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व हितों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण के बाद स्टांप एवं निबंधन विभाग में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा। अचानक हुई स्थलीय जांच को लेकर शहर में भी चर्चा रही कि अब बड़े बैनामों पर प्रशासन की नजर पहले से ज्यादा पैनी हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस तरह की जांच और तेज हो सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिले में राजस्व बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए बड़े स्तर पर निगरानी की जा रही है। डीएम के सीधे फील्ड में उतरने से यह संकेत साफ है कि अब किसी भी तरह की गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
फिलहाल डीएम अंजनी कुमार सिंह की इस कार्रवाई के बाद स्टांप एवं निबंधन विभाग से जुड़े लोगों में सतर्कता बढ़ गई है और बड़े बैनामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।



