राजनीति

“यूपी में बिजली पर महायुद्ध!” अखिलेश के ‘महा विद्युत आपदा’ वाले वार से गरमाई सियासत, मंत्री ए के शर्मा का करारा पलटवार

‘जनता अंधेरे में, नेता सोशल मीडिया पर आमने-सामने’ — बिजली संकट पर सपा और बीजेपी के बीच छिड़ी बड़ी राजनीतिक जंग

अखिलेश बोले- ‘भाजपा ने बिजली व्यवस्था ठप्प कर दी’, ऊर्जा मंत्री ने कहा- ‘पहले अपना कार्यकाल देखिए’
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट अब सियासी तूफान बन चुका है। लगातार हो रही बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की शिकायतों के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट करते हुए प्रदेश की बिजली व्यवस्था को “महा विद्युत आपदा” करार दिया। इसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई और ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने भी पलटवार करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि यूपी में चल रहे असहनीय बिजली संकट के लिए बिजली विभाग के कनिष्ठ कर्मचारी या लाइनमैन जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपना गुस्सा कर्मचारियों पर न निकालें, क्योंकि संविदा कर्मचारियों की छंटनी के बाद वे पहले से भारी दबाव में काम कर रहे हैं।
अखिलेश का बड़ा आरोप
🔴 “भाजपा सरकार ने बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप्प कर दी”
🔴 “न नए पावर प्लांट लगाए गए, न ट्रांसमिशन व्यवस्था मजबूत हुई”
🔴 “स्मार्ट मीटर में महाभ्रष्टाचार हो रहा है”
🔴 “बिजली की शिकायत करने वालों को धमकाया जा रहा है”
🔴 “अस्पताल तक बिजली संकट से जूझ रहे हैं”
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार, बिजली मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, पार्षद और बिजली विभाग के उच्चाधिकारी इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जनता सवाल उन्हीं से पूछे जो सत्ता में हैं। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि बिजली की कमी की वजह से पानी संकट भी गहरा रहा है और आम जनता बेहद परेशान है।
अपने पोस्ट में उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बिजली आने पर मोबाइल चार्ज कर लें, टॉर्च तैयार रखें और अंधेरे में असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। पशुओं, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की गई।
अखिलेश यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। विपक्षी दलों और सपा समर्थकों ने इसे जनता की आवाज बताया, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा का पलटवार
अखिलेश यादव के हमले के बाद यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने भी X पर जवाब देते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा —
“आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दिखाया करो।”
इसके साथ ही मंत्री ने आंकड़ों की पूरी फाइल खोल दी और दावा किया कि भाजपा सरकार ने बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं।
ए के शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां
⚡ 2012-17 में पीक डिमांड 13000 MW थी, अब 30000 MW पहुंची
⚡ 1.80 करोड़ से बढ़कर 3.70 करोड़ उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंची
⚡ 1.70 लाख मजरों का विद्युतीकरण कराया गया
⚡ तापीय उत्पादन 5160 MW से बढ़कर 9120 MW हुआ
⚡ ट्रांसमिशन क्षमता 39000 MVA से बढ़कर 2 लाख MVA हुई
⚡ 1.59 लाख किमी जर्जर तार और 30 लाख खंभे बदले गए
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 2017 से पहले केवल चुनिंदा जिलों और गांवों में बिजली आती थी, लेकिन अब हर गांव और शहर में 18 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने माना कि भीषण गर्मी के कारण मांग बढ़ी है, लेकिन विभाग लगातार व्यवस्था संभालने में जुटा हुआ है।
ए के शर्मा ने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अनुभवी नेताओं को सहयोग करना चाहिए, न कि डर और भ्रम फैलाना चाहिए।
बिजली संकट या सियासी अवसर?
प्रदेश में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली संकट लोगों की सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग घंटों बिजली कटौती से परेशान हैं। ऐसे में विपक्ष सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ रहा, जबकि सरकार विकास और आंकड़ों के जरिए जवाब दे रही है।
अब सवाल यह है कि क्या यूपी का बिजली संकट सच में “महा विद्युत आपदा” बन चुका है या फिर यह केवल राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है? लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में बिजली का मुद्दा यूपी की राजनीति में और ज्यादा गर्मी पैदा करने वाला है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!