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नेपाल बॉर्डर से निकला अफीम का बड़ा खेल! 60 लाख की खेप के साथ दबोचे गए 6 तस्कर, खुल सकते हैं कई बड़े राज

निघासन पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 3 किलो से अधिक अफीम बरामद, पंजाब-हरियाणा से लेकर बिहार तक फैले नेटवर्क की जांच शुरू

क्या लखीमपुर खीरी के रास्ते चल रहा था करोड़ों के नशे का नेटवर्क? निघासन पुलिस की गिरफ्त में आए 6 तस्करों से पूछताछ में कई बड़े खुलासों के संकेत मिले हैं। इंडो-नेपाल बॉर्डर से जुड़े इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

लखीमपुर खीरी जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे निघासन क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 किलो 24 ग्राम अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस का दावा है कि यह एक संगठित तस्करी गिरोह है, जिसके तार कई राज्यों और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी निघासन शिवम कुमार ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि निघासन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अवध राज सिंह सेंगर अपनी टीम के साथ सहतेपुरवा मोड़ पर वाहन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर कार सवार भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया गया।
तलाशी के दौरान कार से दो पैकेट बरामद हुए। पहले पैकेट में 1 किलो 986 ग्राम और दूसरे पैकेट में 1 किलो 38 ग्राम अफीम मिली। कुल बरामद अफीम का वजन 3 किलो 24 ग्राम निकला। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुबेग सिंह उर्फ काला, सारज सिंह, गुरनैब सिंह, अंग्रेज सिंह निवासी ग्राम दराबोझी थाना तिकुनिया तथा पारस सिंह और देवेंद्र सिंह निवासी ग्राम सुथना बरसोला थाना तिकुनिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अफीम की खरीद-फरोख्त और तस्करी के कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पंजाब, हरियाणा और बिहार तक फैले नेटवर्क के जरिए नशे की खेप की सप्लाई करता था। इंडो-नेपाल बॉर्डर से जुड़े इलाकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है।
सीओ शिवम कुमार ने बताया कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर नशे के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।

 

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