उत्तर प्रदेशलखीमपुर खीरी
“757 आरोपी जेल… 487 वारंटी अंदर! ख्याति गर्ग के एक्शन में अपराधी ही नहीं, पुलिसकर्मी भी निशाने पर”
757 आरोपी जेल, 487 वारंटी गिरफ्तार, 3,387 विवेचनाओं का निस्तारण… लापरवाही पर कम से कम 35 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, नशे के कारोबार पर भी शिकंजा


लखीमपुर खीरी में पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग के कार्यकाल में पुलिसिंग का एक्शन मोड दिखाई दे रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी से लेकर वारंटियों की धरपकड़, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर कार्रवाई तक—पुलिस की कार्रवाई कई मोर्चों पर दिखाई दी है। आंकड़े बताते हैं कि तीन महीने में 757 फरार आरोपी जेल भेजे गए, 487 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया और 3,387 विवेचनाओं का निस्तारण हुआ। वहीं अलग-अलग मामलों में कम से कम 35 पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई सामने आई है।
लखीमपुर खीरी में पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग के कार्यभार संभालने के बाद जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। पुलिस की कार्रवाई का दायरा सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि लंबित मामलों के निस्तारण, फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने तक पहुंचता नजर आया है।
तीन महीने की पुलिस समीक्षा में सामने आए आंकड़े इस कार्रवाई की तस्वीर पेश करते हैं। इस दौरान 757 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि 487 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में 3,387 लंबित विवेचनाओं का निस्तारण किया गया।
पुलिस की कार्रवाई का एक और महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में सामने आया। लापता बच्चियों की तलाश के अभियान में 252 बच्चियों को बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई।
अपराधियों के साथ पुलिस की भी जवाबदेही
ख्याति गर्ग के कार्यकाल में पुलिसकर्मियों की लापरवाही के मामलों में भी कार्रवाई देखने को मिली है। अलग-अलग सार्वजनिक मामलों को जोड़ने पर कम से कम 35 पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई सामने आती है।
लंबे समय तक बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। सिंगाही क्षेत्र में लापरवाही के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई।
अवैध खनन रोकने में लापरवाही के मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
धौरहरा से जुड़े मामले में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई सामने आई। वहीं मैगलगंज में दोमुंहे सांप से जुड़े मामले में इंस्पेक्टर और दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर सामने आई।
यानी जिले में कार्रवाई का एक पक्ष अपराधियों के खिलाफ है तो दूसरा पक्ष पुलिस व्यवस्था के भीतर जवाबदेही तय करने का है।
इनामी और वांछित अपराधियों पर भी शिकंजा
जिले में इनामी और वांछित अपराधियों के खिलाफ भी अभियान जारी रहा। मई में 25-25 हजार रुपये के दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा से एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अपराधियों की गिरफ्तारी हुई।
एक अन्य कार्रवाई में पुलिस मुठभेड़ के बाद छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। जून में अलग-अलग मामलों में 23 वांछित और वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। अगस्त में मैलानी पुलिस ने 12 एनबीडब्ल्यू वारंटियों को गिरफ्तार किया।
नशे के कारोबार पर भी कार्रवाई
जिले में अपराध नियंत्रण की इसी कार्रवाई के बीच नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान भी महत्वपूर्ण रहा। पलिया कोतवाली क्षेत्र में स्मैक के कथित कारोबार को लेकर लंबे समय से शिकायतें और वीडियो सामने आने की बात कही जाती रही।
स्थानीय स्तर पर वायरल हुए कुछ वीडियो को लेकर स्मैक की बिक्री और युवाओं तक इसकी पहुंच को लेकर सवाल उठे थे। कम उम्र के बच्चों के नशे की गिरफ्त में आने की बात भी सामने आती रही थी,
पुलिस कार्रवाई के बाद पलिया क्षेत्र में बड़ी मात्रा में स्मैक बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई। बरामदगी की कीमत करोड़ों रुपये बताई गई। इस कार्रवाई को जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।
आंकड़ों में ख्याति गर्ग का एक्शन
757 — फरार आरोपी गिरफ्तार
487 — वारंटी गिरफ्तार
3,387 — विवेचनाओं का निस्तारण
252 — लापता बच्चियां बरामद
35+ — पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई
इन आंकड़ों को एक साथ देखें तो लखीमपुर खीरी में पुलिसिंग की तस्वीर के तीन बड़े पहलू सामने आते हैं—अपराधियों की धरपकड़, लंबित मामलों का निस्तारण और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही।
फिलहाल लखीमपुर खीरी में पुलिस की कार्रवाई का संदेश साफ दिखाई देता है—अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस व्यवस्था के भीतर भी जवाबदेही तय करने पर जोर है।



