दोमुंहे सांप की तस्करी पर SP ख्याति गर्ग का बड़ा एक्शन, SHO समेत 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
तीन युवकों को पकड़ने के बाद अवैध हिरासत और कथित वसूली के आरोप, शिकायत के बाद जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल


दोमुंहे सांप की तस्करी के शक में पकड़े गए तीन युवक… फिर पुलिस की हिरासत… कथित तौर पर 2 लाख रुपये का लेनदेन… और आखिरकार SHO समेत 8 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई। लखीमपुर खीरी के इस मामले में ऐसा क्या हुआ कि खाकी पर ही मुकदमा दर्ज हो गया?
लखीमपुर खीरी। दोमुंहे सांप की तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस महकमे पर उठे सवालों के बीच पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग की सख्त कार्रवाई चर्चा में है। मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र में तीन युवकों को पकड़े जाने के बाद कथित तौर पर दो लाख रुपये की वसूली और अवैध हिरासत के आरोप सामने आए। शिकायत और जांच के बाद SHO समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने एक कार से मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो दोमुंहे सांप बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई की।
आरोप है कि पुलिसकर्मी तीनों युवकों को एक मकान में ले गए और वहां उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि युवकों से कथित तौर पर दो लाख रुपये की रकम वसूली गई। परिजनों के मुताबिक रकम देने के बावजूद तीनों युवकों को बाद में जेल भेज दिया गया।
युवकों के जेल जाने के बाद उनके परिवार वालों ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में पुलिसकर्मियों पर अवैध हिरासत और रुपये लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जांच कराई।
जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बड़ी कार्रवाई की। मैगलगंज कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार, दारोगा शुभम कुमार समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मामले में BNS की धारा 127(2), 351(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के अलावा एक युवक को भी आरोपी बनाया गया है, जिस पर अपने QR कोड के जरिए कथित तौर पर रकम लेने का आरोप है।
SP ख्याति गर्ग की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज है। इस कार्रवाई को लेकर ख्याति गर्ग की सख्त प्रशासनिक छवि चर्चा में है। हालांकि, मामले में लगाए गए वसूली और अवैध हिरासत के आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल कथित दो लाख रुपये के लेनदेन, हिरासत में रखे जाने और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर है।
फिलहाल SP ख्याति गर्ग के नेतृत्व में हुई कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।



