लखीमपुर में आग का महातांडव: 50 घर राख, मवेशियों की जिंदा जलकर मौत से गांव में मातम
मितौली थाना क्षेत्र के मुल्तानपुर ग्रांट के गांव कारीबड़ेरी में भीषण अग्निकांड, करीब 50 घर जलकर राख, दो दर्जन से अधिक मवेशियों की मौत, लाखों का नुकसान

रात 11:26 बजे उठीं आग की लपटें… तेज हवा बनी तबाही की वजह… देखते ही देखते पूरा गांव आग के समंदर में बदल गया। चीख-पुकार, भगदड़ और राख में तब्दील होते घरों के बीच ग्रामीण पूरी रात जिंदगी बचाने की जंग लड़ते रहे।

लखीमपुर खीरी जिले के मितौली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुल्तानपुर ग्रांट के गांव कारीबड़ेरी में सोमवार देर रात ऐसा अग्निकांड हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। रात करीब 11 बजकर 26 मिनट पर गांव में अचानक आग लग गई। शुरुआती लपटों को देखकर ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले तेज हवाओं ने आग को विकराल रूप दे दिया। कुछ ही देर में आग ने पूरे गांव को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया और देखते ही देखते करीब 50 घर धू-धू कर जलने लगे।
आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने तक का समय नहीं मिला। गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। ग्रामीण अपने बच्चों और बुजुर्गों को बचाने में जुट गए, जबकि कई लोग घरों में रखा सामान निकालने की कोशिश करते रहे। लेकिन आग की भयावह लपटों के सामने किसी की एक न चली।
इस भीषण आग में करीब दो दर्जन मवेशियों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक कई पशु रस्सियों से बंधे होने की वजह से बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए। इसके अलावा घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, नकदी, बर्तन और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि तेज हवाओं और गांव की घनी आबादी के कारण आग पर काबू पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग आग पर नियंत्रण पाने में सफल हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड की टीमें नहीं पहुंचतीं तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। आग बुझने के बाद गांव का मंजर बेहद दर्दनाक दिखाई दिया। जहां कभी लोगों के आशियाने थे, वहां अब सिर्फ राख और धुआं नजर आ रहा था।
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस अग्निकांड में करीब 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने में जुटी है।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों के घर जल गए, उनके सामने अब रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।



