शादी अनुदान में बड़ा एक्शन! डीएम अंजनी कुमार सिंह ने खोली लंबित फाइलों की परतें
“शासन की मंशा के अनुरूप पात्रों को मिले लाभ” — डीएम

लखीमपुर खीरी में गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली अनुदान योजना को लेकर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में लंबित आवेदनों और अपात्र मामलों पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई।
लखीमपुर खीरी में गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही शादी अनुदान योजनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपदीय अनुश्रवण समिति एवं शादी अनुदान स्वीकृति समिति की बैठक में डीएम Anjani Kumar Singh ने योजनाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओबीसी शादी अनुदान योजना और समाज कल्याण विभाग की सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग की शादी अनुदान योजना के आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में लंबित मामलों का मुद्दा सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
क्या बोले डीएम?
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने साफ कहा कि शादी अनुदान जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन पत्रों की जांच पूरी सतर्कता से की जाए ताकि अपात्र लोगों को योजना का लाभ न मिल सके और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता समय पर पहुंचे।
कितने आवेदन लंबित?
बैठक में डीबीडब्लूओ Abhay Kumar Sagar ने जानकारी देते हुए बताया कि ओबीसी शादी अनुदान योजना के तहत मार्च माह में कुल 349 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 290 आवेदन अग्रसारित किए गए जबकि 59 आवेदन अपात्र पाए गए।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ स्तर पर 919 और शहरी क्षेत्र में एसडीएम स्तर पर 41 आवेदन लंबित हैं।
वहीं डीएसडब्लूओ Vandana Singh ने बताया कि सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग की शादी अनुदान योजना में ग्रामीण क्षेत्र में 713 और शहरी क्षेत्र में 26 आवेदन लंबित हैं।
प्रशासन का फोकस क्या है?
डीएम ने अधिकारियों को लंबित आवेदनों की जल्द जांच पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में पात्र आवेदनों पर विचार कर कई मामलों को स्वीकृति भी प्रदान की गई। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद रहे।
क्यों अहम है यह बैठक?
शादी अनुदान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर से हजारों जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



