एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पलिया में हुआ भव्य वृक्षारोपण, बच्चों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में वन विभाग और विद्यालय प्रशासन ने किया पौधरोपण, एनसीसी कैडेट्स और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर लखीमपुर खीरी के पलिया स्थित बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सैकड़ों पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बच्चों से अपील की कि वे अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।

लखीमपुर खीरी /पलिया खीरी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को लखीमपुर खीरी जिले के पलिया स्थित बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और वृक्षों के महत्व को समझाना था। इस दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और छात्रों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में पलिया रेंज के वन अधिकारी विनय कुमार, विद्यालय के प्रबंधक गोविंद गर्ग , समाजसेवी बालक राम, नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्य ले.डोरी लाल भार्गव . विजय नारायण महेंद्रा ,सुंदरकांड पाठ समाज सेवा मंडल पलिया, विजय गुप्ता भाजपा महामंत्री पलिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पौधरोपण कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हमें ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, तापमान नियंत्रण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वच्छ पर्यावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से अपने घरों, विद्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने भी छात्रों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का गहरा संबंध है। यदि पेड़-पौधों की संख्या कम होगी तो इसका सीधा असर मानव जीवन पर पड़ेगा। इसलिए पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मौजूद एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाए और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने कार्यक्रम को भावनात्मक जुड़ाव भी दिया, जिससे छात्रों में पौधरोपण के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत छोटे-छोटे प्रयासों से की जा सकती है। यदि समाज का हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाले समय में हरियाली और स्वच्छ वातावरण का सपना साकार किया जा सकता है।



