राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी पर कांग्रेस का हल्ला बोल, डीएम कार्यालय घेरकर सौंपा ज्ञापन
चंदे में कथित हेराफेरी और धन गबन की निष्पक्ष जांच व एफआईआर की मांग, कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतर आई। लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
लखीमपुर खीरी। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ने वाले चंदे और चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी और धन गबन के आरोपों को लेकर मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि भगवान राम देशवासियों की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। राम मंदिर से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए चंदे और चढ़ावे की राशि में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की खबरें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
प्रहलाद पटेल ने कहा कि अब तक इस मामले में किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते पूरे मामले का खुलासा नहीं किया गया तो इससे आम श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी और लोगों का विश्वास प्रभावित होगा।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों की पहचान कर उन्हें कठोर से कठोर दंड दिया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही इस प्रकरण में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।



