पोस्टमार्टम हाउस में ‘गायब’ हो गए जेवर! डीप फ्रीजर से निकले शव को देखकर दहशत में परिजन
सड़क हादसे में मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा शव, कुछ देर बाद मंगलसूत्र, पायल और टॉप्स गायब होने का आरोप; कर्मचारियों पर उठे गंभीर सवाल

क्या अब मृतकों के शव भी सुरक्षित नहीं? लखीमपुर खीरी पोस्टमार्टम हाउस से सामने आई घटना ने इंसानियत और सिस्टम दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है…
लखीमपुर खीरी जिले के पुलिस लाइन परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महिला के शव से कीमती जेवर गायब होने का आरोप लगने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही और परिजन रोते-बिलखते न्याय की मांग करते रहे।
जानकारी के मुताबिक गैसापुर थाना खमरिया निवासी कमला देवी पत्नी कृष्णा की बीती रात सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर खीरी स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। गुरुवार को मृतका के दामाद लवकुश मौर्य पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी सास के शरीर पर मंगलसूत्र, कान के टॉप्स, पायल समेत कई कीमती जेवर मौजूद थे।
परिजनों का दावा है कि जब वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे, उस समय तक मृतका के शरीर पर सभी जेवर मौजूद थे। शव डीप फ्रीजर में रखा गया था। लेकिन कुछ देर बाद जब शव को बाहर निकाला गया तो शरीर से सभी कीमती आभूषण गायब थे। यह देखकर परिजन हैरान रह गए और मौके पर ही कर्मचारियों पर चोरी का आरोप लगाने लगे।
मृतका के दामाद लवकुश मौर्य ने कहा कि परिवार पहले ही सड़क हादसे में अपनों को खोने के गम से टूटा हुआ था, ऊपर से पोस्टमार्टम हाउस में हुई इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पोस्टमार्ट जैसे सुरक्षित परिसर में रखे शव से जेवर कैसे गायब हो सकते हैं? यदि शव सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस की कार्यप्रणाली और वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शव को डीप फ्रीजर में रखने के दौरान ही जेवर निकाले गए हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी अधिकारी की ओर से स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।




