“महोबा की बेटी पर अत्याचार… अब सियासत में उबाल!”
दलित छात्रा कांड पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

महोबा में गणित की पढ़ाई कर रही दलित छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और अत्याचार की घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस अब सड़क पर उतर आई है और योगी सरकार की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करते हुए दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कार्रवाई और पीड़िता को सुरक्षा देने की मांग कर रही है।
लखीमपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
महोबा में दलित छात्रा के साथ हुई कथित दरिंदगी के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी लखीमपुर ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं और दलित बेटियों की सुरक्षा लगातार सवालों के घेरे में है। पार्टी नेताओं ने कहा कि महोबा की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और सरकार को अब सिर्फ बयान नहीं बल्कि कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
“कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल” — प्रहलाद पटेल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि जिस तरह एक दलित छात्रा का अपहरण कर उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर कथित अत्याचार किया गया, वह बेहद भयावह और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो सरकार के तमाम दावे खोखले साबित होते हैं।
प्रहलाद पटेल ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोर कानूनी सजा दी जाए।
पीड़िता की सुरक्षा और आर्थिक मदद की मांग
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की कि पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जा सके।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि ऐसी घटनाओं में पीड़ित परिवार मानसिक और सामाजिक दोनों स्तर पर टूट जाता है, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
“बेटियों में भरोसा कायम करना जरूरी”
जिला उपाध्यक्ष मोहन चांद उप्रेती ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। अगर समय रहते दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश की बेटियों का कानून व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ घटनाओं पर बयान देने के बजाय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत रणनीति बनानी होगी।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और महिलाओं के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार अपराध नियंत्रण में विफल दिखाई दे रही है।
कांग्रेस ने साफ कहा कि दलित और कमजोर वर्ग की बेटियों के साथ हो रही घटनाओं पर राजनीति नहीं बल्कि सख्त न्यायिक कार्रवाई होनी चाहिए।

इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिव सहाय सिंह, जावेद अली खान, रामकुमार वर्मा, कृष्ण किशोर मिश्रा, देवेंद्र कुमार पंकज, सर्वेश कुमार चौधरी, रामपाल शाक्य, अब्दुल रहीम, शक्ति शरण गौतम, नेहा चौधरी, लतीफ आजम, सलीम अहमद और राकेश विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



