NEET अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज से सियासत गरम! जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, सरकार पर उठे बड़े सवाल
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद गुस्सा फूटा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है।

“जंतर-मंतर पर गूंजी छात्रों की आवाज… फिर चली लाठियां! आखिर देश के भविष्य की बात सुनने के बजाय बल प्रयोग क्यों?”
नई दिल्ली। देशभर से जंतर-मंतर पहुंचे NEET अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हटाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ छात्र जमीन पर गिरे हुए नजर आते हैं। इस घटना के बाद पूरे देश में परीक्षा प्रणाली, छात्रों के अधिकार और सरकार की कार्यशैली को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते थे। उनका आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। कई छात्रों ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया।
NEET परीक्षा को लेकर पहले से ही देशभर में सवाल उठते रहे हैं। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर लगातार बहस होती रही है। ऐसे में जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
विपक्षी दलों और कई छात्र संगठनों ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या देश के भविष्य कहे जाने वाले छात्रों की मांगों का जवाब संवाद से दिया जाएगा या फिर टकराव का रास्ता ही अपनाया जाएगा? आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार और संबंधित एजेंसियों का रुख बेहद अहम माना जा रहा है।



