लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जिले में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी का शिकार बनाने वाले चार शातिर साइबर ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी जिले के पढ़ुआ थाना पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ऑनलाइन मोबाइल गेमिंग और फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए लोगों से ठगी करने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ढखेरवा-निघासन रोड स्थित लाख मोड़ के पास की गई। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 8 महंगे मोबाइल फोन, 20 एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, चेक बुक, बैंक पासबुक, एक होंडा सिटी कार और एक बाइक बरामद हुई है।



निघासन पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र में लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल एप्स के जरिए साइबर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पढ़ुआ थाना प्रभारी निरीक्षक मोहित पुंडीर लगातार जांच-पड़ताल में जुटे हुए थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार पुत्र बाबू, दिलीप कुमार पुत्र राम किशोर, अंकित Kumar पुत्र श्याम प्रकाश और आशीष गौतम पुत्र रामकिशोर निवासी गांव चचरा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे थर्ड पार्टी मोबाइल गेमिंग एप्स जैसे नाइट फैन क्लब, एविएटर, कलर ट्रेड विद जीबी आदि का इस्तेमाल करते थे। ये ऐप्स प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं होते थे और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लाखों रुपए कमाने का लालच देकर निवेश कराया जाता था।

आरोपी लोगों से निवेश करवाने के बाद फ्रॉड तरीके से ओटीपी हासिल कर उनके बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे। साइबर ठगी के इस नेटवर्क में थर्ड पार्टी बैंक खाते और यूपीआई गेटवे का उपयोग किया जाता था। आरोपियों को हर ट्रांजैक्शन पर करीब 15 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से बरामद 8 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपए है। इसके अलावा महाराष्ट्र निवासी मुकेश और रफी के नाम की चेक बुक, पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक की पासबुक भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने मौके से होंडा सिटी कार नंबर DL3CBE1086 और बाइक नंबर UP30AL0790 भी कब्जे में ली है।

सीओ शिवम कुमार ने बताया कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग है, जिसमें अभी और लोगों के शामिल होने की आशंका है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, गेमिंग ऐप या निवेश के लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी और ओटीपी साझा न करें।

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