कार्यकाल खत्म होने से पहले किसने लुटाई पंचायत की तिजोरी? 32 लाख के भुगतान पर सीडीओ की जांच में खुलने लगीं परतें
लखीमपुर खीरी की संसारपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान पर उठे सवाल, सचिव निलंबित, रिकवरी की तैयारी

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले पंचायतों में अचानक लाखों रुपये के भुगतान क्यों हुए? क्या विकास कार्य वास्तव में पूरे हुए थे या फिर सरकारी धन को जल्दबाजी में खर्च दिखाने की कोशिश हुई? लखीमपुर खीरी में सीडीओ अभिषेक कुमार की जांच के बाद ऐसे ही कई सवाल खड़े हो गए हैं। संसारपुर ग्राम पंचायत में निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने पंचायतों में हुए भुगतानों पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

लखीमपुर खीरी जिले में ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने से पहले हुए भारी भरकम भुगतानों की अब गहन जांच शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने मई माह में पंचायतों से हुए भुगतान का ब्यौरा तलब किया तो कई ग्राम पंचायतें जांच के दायरे में आ गईं। इसी क्रम में मंगलवार को सीडीओ ने बांकेगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत संसारपुर का निरीक्षण किया, जहां विकास कार्यों और भुगतानों को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के बाद पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जांच में यदि सरकारी धन का दुरुपयोग साबित होता है तो संबंधित लोगों से रिकवरी भी कराई जाएगी।
32 लाख रुपये के भुगतान ने खींचा ध्यान
सीडीओ कार्यालय द्वारा तैयार कराई गई रिपोर्ट में सामने आया कि ग्राम पंचायत संसारपुर से मई माह के दौरान करीब 32 लाख 13 हजार रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ जब ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्ति की ओर था।
भुगतान की राशि और उसकी समयावधि ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद सीडीओ अभिषेक कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
जांच में खुली विकास कार्यों की हकीकत
ग्राम पंचायत संसारपुर में निरीक्षण के दौरान कई विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 5.81 लाख रुपये की लागत से कराए गए मरम्मत कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
मौके पर देखा गया कि कई कार्य अधूरे थे, जबकि उनका भुगतान पहले ही कर दिया गया था। जिन कार्यों को पूरा दिखाकर भुगतान किया गया था, उनमें भी गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई।
सीडीओ ने मौके पर निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री के नमूने एकत्र कराए और उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया। इससे यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्यों में मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सचिव पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने के बाद ग्राम पंचायत सचिव राकेश कुमार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित कर दी गई है।
प्रशासन का मानना है कि विस्तृत जांच के बाद और भी तथ्य सामने आ सकते हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रिकवरी की भी तैयारी
सीडीओ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से धनराशि की वसूली की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर खर्च होने वाला प्रत्येक रुपया जनता का पैसा है और उसके उपयोग में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रांट डोटपुर में मिली संतोषजनक स्थिति
संसारपुर के बाद सीडीओ अभिषेक कुमार ग्राम पंचायत ग्रांट डोटपुर भी पहुंचे। यहां विकास कार्यों की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई।
हालांकि निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति और पाइपलाइन लीकेज की समस्याओं की शिकायत की। इस पर सीडीओ ने जल निगम के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा गांव में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को भी निर्देशित किया गया।
पंचायतों में चलेगा जांच अभियान
सीडीओ अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं रहेगी। जिले की अन्य पंचायतों में भी कार्यकाल समाप्ति से पहले हुए भुगतानों और विकास कार्यों की जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन का सख्त संदेश
संसारपुर में हुई कार्रवाई ने जिले की अन्य ग्राम पंचायतों को भी एक स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता अब छिप नहीं सकेगी।
कार्यकाल समाप्ति से पहले हुए करोड़ों रुपये के भुगतान अब प्रशासन की निगरानी में हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई और पंचायतों में जांच और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
फिलहाल संसारपुर ग्राम पंचायत का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें अब तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी।



