मानसून से पहले खीरी में हाई अलर्ट! डीएम ने क्यों कहा- “एक भी चूक भारी पड़ेगी”?
संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, राहत शिविरों से लेकर NDRF कैपिंग तक तैयार हो रहा मास्टर प्लान

नदियों के बढ़ते खतरे, कटान की आशंका और पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए लखीमपुर-खीरी प्रशासन अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अफसरों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बाढ़ से पहले हर तैयारी जमीन पर दिखनी चाहिए। राहत शिविर, वैकल्पिक मार्ग, हाईटेक संचार व्यवस्था और पशुओं की सुरक्षा तक पर बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है…
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
लखीमपुर-खीरी में संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित द्वितीय जिलास्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी करते हुए प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए।
बैठक में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, ग्रामीण विकास, नगर निकाय और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
संवेदनशील गांवों की होगी विशेष मैपिंग
डीएम ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और लखीमपुर, निघासन, धौरहरा, गोला और पलिया के एसडीएम को निर्देश दिए कि वे बाढ़ प्रभावित और संभावित संवेदनशील गांवों की सटीक पहचान करें।
महत्वपूर्ण निर्देश
✔ गांवों को सेक्टर और जोन के आधार पर क्लस्टर में बांटा जाएगा
✔ हर इलाके का विस्तृत बाढ़ मैप तैयार होगा
✔ रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अलग रणनीति बनेगी
✔ जलभराव और कटान वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रहेगी
प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ आने से पहले ही हर संभावित खतरे की स्थिति का आंकलन कर लिया जाए।
संपर्क टूटने से पहले तैयार होगा वैकल्पिक रोड मैप
बाढ़ के दौरान गांवों का संपर्क कटने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हाईटेक कम्युनिकेशन प्लान पर जोर
मोबाइल नेटवर्क फेल होने की स्थिति में वायरलेस व्यवस्था मजबूत की जाएगी
हर संवेदनशील इलाके में संचार व्यवस्था एक्टिव रहेगी
अंतिम व्यक्ति तक बाढ़ की चेतावनी पहुंचाने पर फोकस रहेगा
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम्युनिकेशन प्लान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है।
राहत शिविरों में दवाइयों से लेकर टीकाकरण तक पूरी तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित राहत शिविरों में केवल रहने की नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था होगी।
सीएमओ को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि— ✔ मोबाइल मेडिकल टीमें गठित कर दी गई हैं
✔ बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है
✔ ORS, क्लोरीन टैबलेट, जरूरी दवाइयां और सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे
✔ एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था होगी
NDRF और SDRF टीमों के लिए विशेष व्यवस्था
डीएम ने Flood PAC, SDRF और NDRF की कैपिंग साइट्स पर सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैपिंग स्थलों पर होंगी ये सुविधाएं
शुद्ध पेयजल
निर्बाध बिजली
शौचालय
मजबूत मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क
वाहनों की सुगम आवाजाही
तटबंधों और बांधों पर प्रशासन सख्त
मानसून से पहले सिंचाई विभाग को सभी तटबंधों और बांधों का सुदृढ़ीकरण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम के सख्त निर्देश
✔ कटानरोधी कार्य समय से पूरे हों
✔ आपातकालीन सामग्री पहले से उपलब्ध रहे
✔ जल दबाव बढ़ने की स्थिति में तत्काल एक्शन प्लान तैयार रहे
शहरों के नालों की सफाई भी प्राथमिकता में
नगर निकायों के अधिकारियों को शहरों के बड़े नालों की सफाई तत्काल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव रोकने के लिए तैयारी
पंपिंग सेट तैयार रखने के आदेश
जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
संवेदनशील मोहल्लों की सूची तैयार करने को कहा गया
पशुओं और गौशालाओं के लिए भी बनेगी अलग योजना
बाढ़ के दौरान मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया।
विशेष निर्देश
✔ संवेदनशील गौशालाओं की पहचान होगी
✔ गोवंश शिफ्टिंग प्लान तैयार किया जाएगा
✔ पशु शिविर और टीकाकरण व्यवस्था मजबूत होगी
✔ चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी
टोल फ्री नंबर 1077 रहेगा पूरी तरह एक्टिव
बैठक के अंत में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
मल्लाहों और गोताखोरों की सूची अपडेट होगी
सभी मोबाइल नंबर सत्यापित किए जाएंगे
आपदा के समय त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाएगा



