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डकैती डालने आया था… लेकिन गांव से जिंदा नहीं लौट सका!

महिलाओं की बहादुरी और ग्रामीणों के गुस्से के बीच खत्म हुआ 35 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर

लखीमपुर खीरी में शुक्रवार रात एक गांव अचानक रणभूमि में बदल गया। घर में घुसे डकैतों को शायद अंदाजा नहीं था कि इस बार उनका सामना डरे हुए लोगों से नहीं, बल्कि जान पर खेल जाने वाले ग्रामीणों से होगा। महिलाओं की बहादुरी, खून से सना संघर्ष और फिर केले के खेत में दौड़… आखिरकार जिस हिस्ट्रीशीटर का इलाके में सालों से खौफ था, उसकी कहानी उसी गांव में खत्म हो गई जहां वह डकैती डालने पहुंचा था।

लखीमपुर खीरी के थाना खमरिया क्षेत्र के राजापुर बाजार गांव में शुक्रवार देर रात डकैती की वारदात खूनी संघर्ष में बदल गई। ग्रामीणों ने एक हिस्ट्रीशीटर डकैत को रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं उसके साथी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात कुछ बदमाश गांव निवासी सुशील पुत्र श्रीराम के घर में घुस गए। डकैत घर में चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान घर की महिलाओं को आहट महसूस हुई।
सुशीला पत्नी सुशील और सुंदरा पत्नी सुभाष की नींद खुली तो घर का सामान बिखरा पड़ा मिला। तभी उन्हें घर के अंदर एक संदिग्ध दिखाई दिया, जबकि दो-तीन अन्य बदमाश छत और घर के बाहर मौजूद थे।
हालांकि स्थिति बेहद डरावनी थी, लेकिन दोनों महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और बदमाश से भिड़ गईं। महिलाओं के शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए।
इसी बीच सुशीला के भतीजे अंकित और सतीश नीचे पहुंचे और बदमाशों से भिड़ गए। खुद को फंसता देख हिस्ट्रीशीटर मुन्नीलाल ने धारदार हथियार से दोनों युवकों पर हमला कर दिया। हमले में अंकित (25) और सतीश (18) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों के गर्दन और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।
शोर-शराबा सुनकर गांव के लोग मौके पर जुटने लगे। हालात बिगड़ते देख बदमाश भागने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने थाना खमरिया क्षेत्र के मंदुरा निवासी हिस्ट्रीशीटर मुन्नीलाल को केले के खेत में दौड़ाकर पकड़ लिया।
ग्रामीणों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने मुन्नीलाल की जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निर्मल तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
धौरहरा क्षेत्राधिकारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतक मुन्नीलाल कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधी था। उसके खिलाफ डकैती, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में थाना खमरिया, ईसानगर समेत कई थानों में करीब 35 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
शनिवार सुबह जैसे ही हिस्ट्रीशीटर की मौत की खबर फैली, इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि मुन्नीलाल लंबे समय से गिरोह बनाकर क्षेत्र में चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। लोग उसके नाम से डरते थे।
ग्रामीणों का मानना है कि इस घटना के बाद इलाके में अपराध का डर कम होगा। वहीं पुलिस अब उसके पूरे गिरोह को पकड़ने की तैयारी में जुट गई है।

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