शराब की दुकान पर क्यों भड़कीं महिलाएं? पन्नियां उखाड़ीं, सड़क पर उतरा गुस्सा
आबादी के बीच देशी शराब का ठेका खोलने की तैयारी का विरोध, महिलाओं ने कहा- गांव का माहौल नहीं बिगड़ने देंगे


लखीमपुर खीरी। जिले के निघासन कोतवाली क्षेत्र के रानीगंज गांव में देशी शराब की दुकान खोले जाने की तैयारी उस समय विवाद का कारण बन गई, जब बड़ी संख्या में महिलाएं इसके विरोध में सड़क पर उतर आईं। आक्रोशित महिलाओं ने दुकान के बाहर लगाई गई प्लास्टिक की पन्नियों और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं को उखाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के मुताबिक, खमरिया पंचायत के झौआ पुरवा में संचालित देशी शराब की दुकान को रानीगंज में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी चल रही थी। शनिवार को जैसे ही ग्रामीण महिलाओं को इस बात की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंच गईं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने सबसे पहले डायल-112 पुलिस को सूचना देकर गांव की आबादी के बीच शराब की दुकान खोले जाने पर कड़ा विरोध जताया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि गांव के बीच शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब होगा। उनका आरोप था कि शराब की दुकान खुलने के बाद यहां शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने लगेगा, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। महिलाओं ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर गांव की आबादी के बीच शराब का ठेका नहीं खुलने देंगी।
विरोध के दौरान आक्रोशित महिलाओं ने दुकान के लिए लगाई गई प्लास्टिक की पन्नी को फाड़ दिया और दुकान खोलने की प्रक्रिया को रोक दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि झौआ पुरवा स्थित शराब की दुकान पर बिक्री कम होने के कारण ठेकेदार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर दुकान को रानीगंज की आबादी के बीच स्थानांतरित कराने की अनुमति हासिल कर ली। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले ही उपजिलाधिकारी और क्षेत्रीय विधायक शशांक वर्मा को ज्ञापन देकर दुकान को गांव के बाहर संचालित कराने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, विधायक शशांक वर्मा ने भी आबादी से दूर दुकान संचालित कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद गांव के बीच दुकान खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं में नाराजगी बढ़ गई।
मामले की सूचना मिलते ही निघासन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रही महिलाओं को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी आपत्तियों और मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
क्राइम इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी शिकायत और मांग उच्चाधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि नियमानुसार उचित कार्रवाई और समाधान निकाला जा सके।
फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि आबादी के बीच शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो उनका विरोध और तेज होगा। गांव की महिलाओं ने चेतावनी दी है कि वह अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और आबादी के बीच शराब की दुकान खुलने नहीं देंगी।



